सोशल मीडिया के दवाब के कारण, रिटायर्ड मेजर जनरल सईद अता हुसैन अप्रत्यक्ष रूप से ये मान रहे हैं कि सभी जटिल विनाशकारी हथियारों में किल स्विच मौजूद होते हैं। भले ही उन्होंने ये सीधे ना कहा हो कि “भारत के आयातित हथियारों में किल स्विच होता है”

उनका ट्वीट है — “There is always an element of control the originator retains over all lethal military eqpt. Jordan is as much a partner of the US and not a state which is its adversary now.

उनके ट्वीट की लिंक— https://twitter.com/atahasnain53/status/1101151788374347783



अभी तक, मेन इन यूनिफार्म आयातित हथियारों में किल स्विच और खासकर भारत द्वारा आयात किये गए हथियारों में किल स्विच्स की मौजूदगी पर खामोश थे। ऐसा पहली बार हुआ है कि एक सीनियर रिटायर्ड मिलिटरी अफसर ने आयातित हथियारों में किल स्विच की मौजूदगी को सार्वजानिक रूप से स्वीकारा है। भले ही उन्होंने भारत के आयातित हथियारों या फ्रांस से आयत होने वाले रफाल विमानों के विषय में ये साफ़ ना किया हो। 

ये सब सोशल मीडिया की वजह से है।अभी तक, शीर्ष सेना अधिकारी और शीर्ष राजनेता सभी किल स्विच की मौजूदगी को एक राज रखना चाहते है। लेकिन जैसे जैसे इसके बारे में जानकरी बढ़ रही है सोशल मीडिया के कारण, तो अब ये लोग इसका श्रेय स्वयं लेना चाहते हैं। 

आज भारत की दुर्दशा का सबसे बड़ा कारन है — शीर्ष सेना अधिकारीयों और शीर्ष राजनेताओं का आयातित हथियारों में किल स्विच होने की बात पर क्रूर ख़ामोशी